सुशांत सिहं राजपूत सुसाइड केस मे फ़िल्म इंडस्ट्री के बारे जिस तरह की बाते निकल कर सामने आ रही है दरअसल वह हमारे टॉप के कारपोरेट कल्चर का असली चरित्र है……. यह हर क्षेत्र में है यह आईटी कंपनियों में मिलेगा यही बड़े छोटे किस्म के हर मीडिया संस्थानों में मिलेगा और इसे आप सिर्फ नेपोटिज्म तक ही सीमित न रखे यह एक तरह का फेवेरिटीज़म है ग्रुपिज्म है जिसकी जड़ में कही जाति आ जाती है कही रक्त सम्बंध……..

2018 में मीटू प्रकरण बहुत उछला था आज वह कहा चला गया? इसी प्रकरण में क्वान जैसी सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कम्पनी के सीईओ अर्निंबन चार महिलाओं ने वही आरोप लगाए थे जिनकी आज बड़ी चर्चा है जो निर्देशक अभिनव कश्यप ने लगाए जो स्टाइल फेम अभिनेता साहिल खान ने लगाए कुल जमा इंडस्ट्री की स्ट्रगलिंग न्यू कमर चार लड़कियों ने 2018 में मिड डे से बात करते हुए अपने साथ हुए सेक्शुअल हैरसमेंट के बारे में बताया.

इसमें से एक एक्ट्रेस का कहना था कि अनिर्बन पहले अपने क्लाइंट को हतोत्साहित करता है. उनको अहसास दिलाता है कि उनको जो भी काम मिल रहा है, उसकी कंपनी की बदौलत ही मिल रहा है. एक्ट्रेस ने कहा कि अनिर्बन ने उसकी बॉडी और लुक्स को लेकर कई गलत बातें कहीं. साथ ही ये भी कहा कि उनका क्लीवेज छोटा है और हिंदी फिल्मों में उसका करियर ज़्यादा लंबा नहीं चल पाएगा. इसके बाद एक्ट्रेस ने उसकी कंपनी से नाता तोड़ लिया.