बारिश होते ही सासाराम एवं आसपास के लोगों के लिए पिकनिक स्पॉट बन जाती है कैमूर की पहाड़ियां. बरसात के मौसम में यहां गिरने वाले झरने और जलप्रपात बरबस ही किसी की अपनी ओर खींच लेते हैं. प्राकृतिक सौंदर्य के शौकीन लोगों के लिए तो ये किसी स्वर्ग से कम नहीं है. जुलाई से लेकर सितंबर तक यहां के झरनों में नहाने और पिकनिक के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है लेकिन जिस प्रकार का दृश्य इन दिनों यहां दिखाई दे रहा है, उससे सासाराम एवं आसपास में कभी भी महामारी फैल सकता है.

Every step towards the Manzhar Kund, the crowd of budding tourists

भारी भरकम भीड़ और सोशल डिस्टेसिंग ?

मांझरकुंड, मोतीकुंड, सीताकुंड आदि झरनों में जिस प्रकार से भीड़ उमड़ रही है. लोग एक दूसरे से चिपक कर झरनों के नीचे स्नान कर रहे हैं, वह सासाराम के लोगों के लिए कभी भी खतरनाक स्थिति पैदा कर सकती है. कोरोना संकट के बावजूद यहां न किसी के चेहरे पर मास्क दिखता है और नहीं किसी को सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल है. एक ही पानी और झरने में लोग हजारों की तादाद में स्नान कर रहे हैं. कौन जानता है कि उनमें से कोई एक आदमी भी कोरोना संक्रमित हुआ तो ? पहले तो सिर्फ साल में एक बार मेला लगता था लेकिन अब तो हर रविवार को मेला ही मेला होता है.

हिंदी मस्तिया: Sasaram, unknown fact.

मध्यप्रदेश से आता है पानी

Dhuan Kund Falls, Rohtas | DestiMap | Destinations On Map

जानकार लोगों का मानना है कि इन पहाड़ी झरनों में पानी मध्यप्रदेश से आता है. मध्यप्रदेश से होते हुए उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश से बिहार आने के बीच न जाने कितने गांवों में लोग इस पानी में नहाते होंगे, इसका कोई हिसाब किताब नहीं है. न जाने कहां कहां से पानी बहकर इसे झरने की शक्ल दे रहा है, किसी को नहीं पता. अगर भूल से भी पानी में कोरोना का संचार हुआ तो क्या होगा ? कल्पना करके भी डर लगता है.

Dhua Kund, Sasaram | DestiMap | Destinations On Map

प्रशासनिक लापरवाही आ रही सामने

सबसे बड़ा सवाल तो प्रशासनिक लापरवाही का है. जिस प्रकार से कोरोना की वजह से रामनवमी, ईद जैसे त्योहार रोक दिए गए क्या वैसे ही रोहतास जिला प्रशासन मांझरकुंड के मेले को नहीं रोका जा सकता ! मांझरकुंड समेत आसपास के झरनों पर रविवार के दिन रामनवमी के जुलूस और ईद की नमाज से ज्यादा ही भीड़ होती है. प्रशासन बेखबर होकर चैन की नींद सो रहा है. अगर इस पहाड़ मेले को तत्काल नहीं रोका गया तो सासाराम में कोरोना वो मौत का मंजर दिखाएगा कि आने वाले कई सालों तक लोग इसे भूल नहीं पाएंगे.

MANJHAR KUND & DHUAN KUND - Rohtas District

बहकर आ रही है मौत

मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश से पानी आता है और फिर यहां कैमूर जिले से होते हुए रोहतास. मांझरकुंड से सीताकुंड, मोतीकुंड और धुआंकुंड के रास्ते लोहा के पुल, बुढ़न, भुतैया, हनुमान धारा तक इस पानी का प्रवाह हो रहा है. ईश्वर न करें, अगर इस पहाड़ मेला के बहाने कोरोना विस्फोटक हुआ तो इसका जिम्मेवार कौन होगा !