राजस्थान के उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट का पहला बयान सामने आ गया है. सचिन पायलट ने साफ तौर पर कहा कि मैं भाजपा से लड़कर उन्हें हराया हूं तो भाजपा में क्यों जाउंगा. इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. मैं अब भी कांग्रेसी हूं. आगे का कोई भी फैसला समर्थकों के साथ बातचीत कर करुंगा.

मैं पिछले छह महीने से ज्योतिरादित्य सिंधिया से नहीं मिला और नहीं मैंने कभी भाजपा नेताओं से कोई मुलाकात की. एक एजेंडे के तहत ये खबरें चलाई जा रही है कि मैं भाजपा में शामिल होने जा रहा हूं. पायलट ने यह भी साफ तौर पर कहा कि मैं न तो अपने लिए सीएम का पद चाहता हूं और नहीं अपने साथी विधायकों को मंत्री बनाने की मांग रखी है. पायलट ने यह भी कहा कि मैं अपने किसी पॉवर, पोजिशन या सुविधा के लिए नही बल्कि काम करने का सम्मानजनक माहौल चाहता हूं.

वहीं सचिन ने कहा कि मैंने राजस्थान में कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए और भाजपा को हराने के लिए कड़ी मेहनत की है. मैं क्यों वहां जाउंगा. सचिन ने एक और बड़ी बात कही कि भाजपा से मिलकर सरकार गिराने का जो आरोप मेरे उपर लगाया जा रहा है, वो गलत है.