चुनाव जैसे ही नजदीक आता है, नेताओं को जनता की याद आनी शुरु हो जाती है. शिलान्यास और उद्घाटन में तेजी आ जाती है. ये कहानी सिर्फ किसी एक नेता, एक राज्य या एक पार्टी की सरकार की नहीं है, बल्कि हर जगह यही हाल है. ये एक प्रकार की राजनीतिक संस्कृति बन चुकी है. इसी हड़बड़ में कई काम गड़बड़ हो जाता है. बिहार में भी यही हो रहा है. एक बार तो राजद ने सीएम नीतीश कुमार पर चुटकी लेते हुए कह भी दिया था कि देखिएगा कि कहीं चुनाव के चक्कर में जल्दी जल्दी उद्घाटन की हड़बड़ी में गोपालगंज के सत्तर घाट महासेतु वाला हाल न हो जाए. एक बार फिर से गोपालगंज में ही एक और एप्रोच रोड ध्वस्त हो गया है.

CM नीतीश कुमार के उद्घाटन करने से ठीक ...

बंगरा घाट महासेतु का आज उद्घाटन

लगता है कि राजद की बात सटीक बैठ गई है. आ सीएम नीतीश कुमार गोपलगंज के बंगरा घाट महासेतु का उद्घाटन करने वाले थें कि इसके ठीक पहले महासेतु का एप्रोच पथ लगभग 50 मीटर के आसपास ध्वस्त हो गया है. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के वरीय अधिकारी पहुंच गए हैं और आनन फानन में इसे ठीक करने की कवायद भी शुरु कर दी गई है.

509 करोड़ रुपये हुए हैं खर्च

मालूम हो कि बंगरा घाट महासेतु के छपरा साइड में 11 किलोमीटर और मुजफ्फरपुर साइड में 08 किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड बनाया गया है, जिसके निर्माण में 509 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.