भारत एक कृषि प्रधान देश है. सारे मुद्दे एक तरफ और किसानों के मुद्दे एक तरफ. केंद्र सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़ कर किसानों की बात सुने और तत्काल प्रभाव से कृषि विधेयक को वापस ले अन्यथा अपनी विदाई के लिए तैयार रहे. यह कहना है बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अलख निरंजन त्रिवेदी का.

श्री त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र में ऐसी सरकार चल रही है जिसकी कोई भी योजना धरातल पर सफल नहीं है. चाहे वो मेक इन इंडिया हो या नोटबंदी हो या फिर कोई भी केंद्रीय योजना हो. अलख निरंजन त्रिवेदी ने कहा कि वर्तमान की केंद्र सरकार में विजन की घोर कमी है. इनके पास किसी भी वर्ग की भलाई के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है. पिछली कांग्रेसी सरकारों की योजनाओं पर अपना ठप्पा लगाकर ही ये आगे बढ़ रहे हैं अन्यथा खुद की उपलब्धियों के नाम पर ये शून्य हैं.

कांग्रेस नेता अलख निरंजन त्रिवेदी ने आह्वान किया है कि कृषि जगत के व्यापक हित में बिहार के किसानों को भी अब आगे आने की जरुरत है और इस आंदोलन को धारदार बनाने की जरुरत है. वहीं किसानों को खालिस्तानी बताने पर रोष व्यक्त करते हुए श्री त्रिवेदी ने कहा कि पंजाब, हरियाणा के लोग ही देश की रक्षा के लिए सीमा पर सबसे पहले खड़े होते हैं और उन्हें खालिस्तानी और देशद्रोही बताना बेहद दुभार्ग्यपर्ण है.