देश के आम लोगों के मन में यह बात बैठ चुका है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सिर्फ और सिर्फ पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है. प्रधानमंत्री देश के मुखिया न होकर अडानी और अंबानी के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं. किसानों का आंदोलन जारी है और सरकार कृषि बिल वापस लेने को तैयार नहीं है.

The 'Beneficiaries' of Modi's Globetrotting: Adani and Ambani | NewsClick

लोगों के मन में सरकार के साथ ही इन पूंजीपतियों के खिलाफ भी गुस्सा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में एक नए किस्म का आंदोलन शुरु हुआ है जिसमें लोग रिलायंस जियो की सिम को लगातार दूसरी कंपनियों में पोर्ट करा रहे हैं.

हम यहां आपको बता देना चाहते हैं कि जियो सिम को बदल कर आप रिलायंस यानी अंबानी को उतना ही नुकसान पहुंचा सकते हैं जितना की हम लोग दिपावली में चाइनीज झालर नहीं खरीद कर चाइना को नुकसान पहुंचा पाते हैं. यह सच है कि सिर्फ सिम पोर्ट कराने से कुछ नहीं होगा.

अगर आप सचमुच अडानी और अंबानी को संदेश देना चाहते हैं तो ये काम कर सकते हैं.

  • रिलायंस के पेट्रोल पंपों से तेल लेना बंद करें.
  • रिलायंस मार्ट, रिलायंस फ्रेश या रिलायंस के किसी भी शोरुम से खरीदारी बंद करें.
  • अडानी के उत्पाद जैस फॉर्च्यून के सरसो तेल, रिफाइंड तेल, आटा, मैदा, सूजी इत्यादि खरीदना बंद करें.
  • रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस से पॉलिसी खरीदना बंद करें.
  • और हां, इन सबके साथ साथ ही रामदेव की पतंजली से भी दूरी बनाएं.

ज्यादा नहीं सिर्फ 15 दिन तक ये काम करके देखिए, इन कंपनियों की हवा न निकल जाए तो कहिएगा. वैसे सिम पोर्ट कराने का आंदोलन एक शुरुआत है, वो भी जरुरी है लेकिन इन सब के साथ पूर्ण बहिष्कार भी जरुरी है.