कौन कहता है कि जनता के हित में काम करने के लिए सत्ताधारी दल का विधायक होना जरुरी होता है ! नाम है सुधाकर सिंह. बिहार के सीमावर्ती कैमूर जिले के रामगढ़ से राजद के टिकट पर पहली बार विधायक बने हैं. राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के पुत्र हैं. कृषि और किसानों से जुड़े मुद्दों पर काफी जागरुक रहते हैं, विधायक बनने से पहले ही. सुधाकर यूं तो विपक्ष के विधायक हैं लेकिन जिस प्रकार से तर्कों और तथ्यों के साथ कृषि से जुड़े मुद्दों पर सरकार के समक्ष अपनी बात रखते हैं तो उनकी मांगों को मानने के अलावा सरकार के पास कोई रास्ता नहीं बच पाता पाता. विधायक बनने के महज एक महीने के भीतर ही उन्होंने अपनी कार्यशैली की झलक दिखानी शुरु कर दी है.

Sudhakar Singh - Home | Facebook
धान खरीदगी का बढ़वाया लक्ष्य

कैमूर जिले के किसानों ने अपने श्रम और अनुकूल मौसम की मदद से खरीफ की बंपर फसल का उत्पादन किया. सरकार ने लक्ष्य तय किया था कि कैमूर जिले में 2.40 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जाएगी जो उत्पादन से काफी कम था. विधायक सुधाकर सिंह ने लक्ष्य बढ़ाने के लिए पहल शुरु की और सहकारिता मंत्री से संपर्क किया. सुधाकर सिंह ने मंत्री को पत्र लिखकर कहा कि बंपर फसल उत्पादन से जहां किसानों में हर्ष का माहौल है तो वहीं उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की फसल बेचने की चिंता भी सता रही है. विधायक ने कैमूर समेत पूरे राज्य में फसल खरीद के लक्ष्य को बढ़ाने की मांग भी की.

PM Fasal Bima Yojana: Farmers Should Enroll In This Scheme Before Last Date

सरकार ने मानी मांग

विधायक सुधाकर सिंह ने राज्य सरकार से मांग की थी कि 30 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन किया जाए. सरकार ने सुधाकर सिंह की मांग मानते हुए कैमूर जिले में 3 लाख 60 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का प्रस्ताव मान लिया.

सरकार के लिए चुनौती हैं सुधाकर

कैमूर: युवा नेता सुधाकर सिंह के नेतृत्व में चला राजद का सदस्यता अभियान

पहली बार सदन पहुंचने वाले सुधाकर जिस तरह से लगातार किसानों से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए और संघर्ष करते हुए दिखते हैं, ऐसे में तय है कि वो सरकार के लिए बड़ी चुनौती पेश करते हुए दिख सकते हैं क्योंकि नई विधानसभा में काफी कम ही ऐसे विधायक हैं जिन्हें कृषि से जुड़े मुद्दों की गहरी और जमीनी समझ हैं. सुधाकर सिंह के फेसबुक पेज को भी देखें तो पाएंगे कि वो लगातार किसानों से जुड़े मुद्दों पर मुखर और आंदोलनरत हैं.