लॉकडाउन के वक्त मैं अपनी मौसी के घर ही फंस गया था. मौसी का घर पटना के कंकड़बाग में है. मौसा जी बिजनेस टूर के सिलसिले में कोलकाता गए हुए थें और वहीं फंस गए थें. मई का महीना था. बारिश और आंधी के दिन चल रहे थें. लॉकडाउन की वजह से सब लोग फंसे हुए थें. जो जहां था, वहीं पर रह गया था. मौसी के घर में सिर्फ मैं और मौसी थी.

Do guys like women wearing sari with back less blouse? - Quora

मेरी उम्र 22 साल थी और मौसी 39 की थी और उनका 40वां शुरु होने वाला था. मौसी दिखने में बेहद उत्तेजक थी और पर मेरा कोई गलत इरादा उनके प्रति नहीं था. एक दिन जोर की बारिश होने लगी. बिजली कड़कने लगी. तेज आंधी चल रही थी. एक बार जोरदार बादल गरजा तो मौसी डरकर मेरे कमरे में आ गई और आकर मुझे जोर से पकड़ लिया.

इसके पहले मैं कुछ समझ पाता, मौसी ने मेरा चुंबन शुरु कर दिया. मैंने पूछा मौसी ये क्या कर रही हो, उन्होंने कहा कि मैं डर गई हूं. प्लीज मुझे मौसी कहना बंद करो और मुझे सिर्फ शीतल कहो. मैं चौंक गया… मौसी ये क्या कह रही हैं…
ये कहकर उन्होंने अपनी पकड़ मेरे प्रति और भी मजबूूत कर दी. मेरे अंदर का भी शैतान जग चुका था.

Pin on India

और समझ चुका था कि वो मुझसे क्या चाहती हैं. मैंने उनके सामने सरेंडर कर दिया. उन्होंने जैसे जैसे जो कहा, मैंने उस रात वैसे वैसे किया. मेरी इच्छा नहीं थी लेकिन उनके आगे मेरी एक नहीं चली. पर मैं जानता हूं कि उस रात जो हुआ… वो गलता था… कोई जान जाता तो बदनामी ही होती. हमें ऐसा नहीं करना चाहिए था.