अब तक तो आपने यह सुना होगा कि प्यार न जाति देखता है, न उम्र, न धर्म लेकिन इसमें एक वाक्य और जोड़ दिजिए.. प्यार प्रेमियों की संख्या भी नहीं देखती… ऐसी ही एक घटना हुई है यूपी के अंबेडकरनगर के टांडा इलाके में.
एक लड़की एक साथ चार लड़कों के साथ प्यार हुआ और इन चारों के साथ ही घर से भाग गई.

लड़कों ने कुछ दिनों तक लड़की को अपनी रिश्तेदारी में छिपा कर रखा लेकिन ऐसा कितने दिनों तक चलता. मामले का खुलासा हुआ तो लड़की पक्ष ने चारों लड़कों पर मुकदमा ठोंकने की तैयारी शुरु कर दी.

उधर लड़की अब इन चार में से वो किसके साथ शादी करे… इसे लेकर वो खुद ही कन्फ्यूज हो गई. वो खुद ही तय नहीं कर पा रही थी कि कौन सा लड़का उसे ज्यादा पसंद है.

मामला पंचायत तक पहुंच गया. इस मुद्दे को हल करने के लिए पंचायत बैठाई गई. सबसे पहले लड़की से ही पूछा गया कि तुम किसके साथ शादी करना चाहती हो… लड़की को चारों लड़के ही पसंद थें. उसका कन्फ्यूजन दूर ही नहीं हो रहा था.

तय हुआ कि पर्ची डाली जाएगी और जिसके नाम की पर्ची निकलेगी.. उसी लड़के के साथ शादी होगी. इसके बाद गांव के एक छोटे से बच्चे को बुलाया गया. एक कटोरे में चारो लड़के के नाम की पर्ची डाली गई और उसमें से कोई एक पर्ची उठाने को कहा गया.

जिसके नाम की पर्ची निकली.. उस लड़के के साथ लड़की की शादी का निर्णय हुआ और शादी हुई भी.
हालांकि पंचायत के लिए भी यह फैसला इतना आसान नहीं था. सबसे पहले तो चारों में से कोई भी लड़के उस लड़की से शादी करने को तैयार नहीं हो रहे थें लेकिन पंचायत ने अपना कड़ा रुख दिखाया तो उन्हें फैसला मानने के लिए बाध्य होना पड़ा.