मैं रजनीकांत.. मेरी उम्र 23 साल है. ग्रेजुएशन का छात्र हूं. कोलकाता का रहने वाला हूं. यहीं पर परिवार के साथ रहता हूं. अक्सर घर से कोचिंग जाने के लिए बस का सहारा लेता हूं. बात पिछली गर्मियों की है. मैं अपने घर गिरीश पार्क से दमदम जाने के लिए बस पर चढ़ा था. बस में काफी भीड़ थी.

मैं भीड़ में ही एक कोने में जाकर खड़ा हो गया. कंडक्टर से टिकट कटवाने के बाद मैं निश्चिंत हो गया था क्योंकि मेरा गंतव्य स्थान आने में आधे घंटे का वक्त लगना था.

अचानक से मुझे एहसास हुआ कि कोई मेरे उन खास अंगों को सहला रहा है. मुझे लगा कि भीड़ की वजह से शायद ऐसा हो रहा है लेकिन एक समान गति से ऐसा होते देख मैं असहज हो उठा था. मैंने इधर उधर नजर घूमा कर देखा तो मैं चौंक उठा था.

40 45 के उम्र की एक महिला ही मेरे खास अंगों का घर्षण कर रही थी. मुझे ये जरा सा असहज लग रहा था, पर ये सच था कि मुझे अच्छा भी लग रहा था. अचानक से उस महिला ने इस क्रिया में तेजी ला दी थी. आनंद के अतिरेक में मैं डूब चुका था. मेरी आंखें बंद हो गई थी. धड़कने तेज हो चुकी थी.

अचानक से सब कुछ शांत हो गया. मेरी सांसों की गति कमजोर पड़ने लगी थी. उसका गंतव्य आ चुका था. वो बस से उतर गई थी लेकिन मेरे शरीर के उस खास हिस्से को भींगो कर. मैं कभी भूल नहीं सकता उस पल को….